Wednesday, November 4, 2026
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नेताओं को चाय-कॉफी पिलाई, प्रदर्शनकारियों को दिया ताज़ा खाना’: दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफ़नामा

📅 प्रकाशित तिथि: October 18, 2026 | ✍️ लेखक: admin
'नेताओं को चाय-कॉफी पिलाई, प्रदर्शनकारियों को दिया ताज़ा खाना': दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफ़नामा

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में हालिया विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों और राजनीतिक नेताओं के साथ किसी भी तरह के दुर्व्यवहार के आरोपों को दिल्ली पुलिस ने खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफ़नामे में दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि हिरासत के दौरान सभी प्रदर्शनकारियों के मानवाधिकारों और गरिमा का पूरा ध्यान रखा गया था।

पुलिस की ओर से शीर्ष अदालत को बताया गया कि प्रदर्शन स्थल से हटाए गए राजनीतिक नेताओं को संबंधित थानों के एसएचओ (SHO) कक्षों में ससम्मान बिठाया गया। इस दौरान उनके पद और मर्यादा का सम्मान करते हुए उन्हें चाय, कॉफी, भोजन और अन्य जलपान उपलब्ध कराए गए।

वहीं, हिरासत में लिए गए अन्य प्रदर्शनकारियों को लेकर पुलिस ने दावा किया कि किसी के भी साथ अमानवीय व्यवहार नहीं किया गया। सभी प्रदर्शनकारियों को बवाना स्टेडियम सहित विभिन्न सुरक्षित परिसरों में रखा गया और उन्हें “गर्म, ताज़ा व पौष्टिक खाना”, नाश्ता और पीने का पानी मुहैया कराया गया। स्थिति सामान्य होते ही और एहतियाती हिरासत की आवश्यकता समाप्त होने पर सभी को सुरक्षित जाने की अनुमति दे दी गई।

दिल्ली पुलिस ने अदालत के समक्ष यह भी दलील दी कि कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने अदालत को आश्वस्त किया कि पूरी कार्रवाई के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं और प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया गया।

नेताओं को चाय-कॉफी पिलाई, प्रदर्शनकारियों को दिया ताज़ा खाना’: दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफ़नामा

📅 प्रकाशित तिथि: October 18, 2026 | ✍️ लेखक: admin
'नेताओं को चाय-कॉफी पिलाई, प्रदर्शनकारियों को दिया ताज़ा खाना': दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफ़नामा

नई दिल्ली:

राजधानी दिल्ली में हालिया विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों और राजनीतिक नेताओं के साथ किसी भी तरह के दुर्व्यवहार के आरोपों को दिल्ली पुलिस ने खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफ़नामे में दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि हिरासत के दौरान सभी प्रदर्शनकारियों के मानवाधिकारों और गरिमा का पूरा ध्यान रखा गया था।

पुलिस की ओर से शीर्ष अदालत को बताया गया कि प्रदर्शन स्थल से हटाए गए राजनीतिक नेताओं को संबंधित थानों के एसएचओ (SHO) कक्षों में ससम्मान बिठाया गया। इस दौरान उनके पद और मर्यादा का सम्मान करते हुए उन्हें चाय, कॉफी, भोजन और अन्य जलपान उपलब्ध कराए गए।

वहीं, हिरासत में लिए गए अन्य प्रदर्शनकारियों को लेकर पुलिस ने दावा किया कि किसी के भी साथ अमानवीय व्यवहार नहीं किया गया। सभी प्रदर्शनकारियों को बवाना स्टेडियम सहित विभिन्न सुरक्षित परिसरों में रखा गया और उन्हें “गर्म, ताज़ा व पौष्टिक खाना”, नाश्ता और पीने का पानी मुहैया कराया गया। स्थिति सामान्य होते ही और एहतियाती हिरासत की आवश्यकता समाप्त होने पर सभी को सुरक्षित जाने की अनुमति दे दी गई।

दिल्ली पुलिस ने अदालत के समक्ष यह भी दलील दी कि कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने अदालत को आश्वस्त किया कि पूरी कार्रवाई के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं और प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया गया।