Friday, November 6, 2026
सदैव सच के साथ

हमीरपुर पुलिस प्रशासन के कार्यो से पुलिस अधिक्षक हमीरपुर मृगांक शेखर पाठक के कार्य शैली में उठ रहे गंभीर सवाल ?

📅 प्रकाशित तिथि: November 6, 2026 | ✍️ लेखक: admin

(रवीन्द्र कुमार भारतवंशी की ख़ास रिपोर्ट )

हमीरपुर : विगत दिनों में हमीरपुर में हत्याओ की ख़बरों से जनता में असुरक्षा के बाद हमीरपुर पुलिस प्रशासन की बेहद लापारवाही वाली ख़बरे आने के बाद हमीरपुर की जनता का पुलिस विभाग की ईमानदारी और विभाग के उच्य अधिकारियो की कार्यशैली से भरोषा उठता नज़र आ रहा है वंही ख़ास कर पुलिस अधीक्षक हमीरपुर मृगांक शेखर पाठक के कार्यकाल की चर्चा होने लगी है |

दिंनाक 05-11-2026 को एक अधिवक्ता द्वारा हमीरपुर पुलिस में गंभीर आरोप लगाते हुए आरोप लगाया है कि हमीरपुर पुलिस राजनेताओ के दबाव पर आम जनता को परेशान व धन उगाही का कार्य कर रही है एवं पैसे न मिलने पर आम जनता पर फर्जी मुकदमा लगा कर प्रताड़ित करने का भी कार्य करती है

हमीरपुर के ग्राम मिहुना निवासी रावेन्द्र यादव जो पेशे से वकील है और कानपूर नगर कोर्ट में वकालत का कार्य देखते है जिन्होंने थाना सुमेरपुर के उप निरक्षक रामाराम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सुमेरपुर थाना की पुलिस क्षेत्रीय भाजपा नेताओ के दबाव में दिंनाक 21-07-2026 की तिथि में मनगढ़ंत तरीके से मेरे पिता राम शरन यादव पुत्र स्व० रामआधार व रावेन्द्र पुत्र राम शरन और उनकी माता प्रेमा पत्नी राम शरन को शांतिभंग के मामले में चालानी रिपोर्ट माननीय उपजिलाधिकारी मजिस्ट्रेट न्यायालय में भेजी गई थी जब कि रावेन्द्र यादव का कहना है की पुलिस द्वारा वर्णित घटना की तिथी में वो कानपूर में मौजूद थे और न्यायालय में वकालत का कार्य देख रहे थे और उन्होंने माननीय उपजिलाधिकारी मजिस्ट्रेट न्यायालय हमीरपुर में एक दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए बताया की दिंनाक 21-07-2026 को वो अपने मुवक्किल के लिए कानपूर कोर्ट में उपस्थिति थे|  

अब ऐसे प्रमाणित दस्तावेजो को देख कर हमीरपुर पुलिस के कार्यशैली में सवाल खड़ा होना लाजमी है कि आखिर जब कोई व्यक्ति घटना स्थल में भी नहीं है पर पुलिस जबरन राजनीतिक दबाव के चलते आम जनता को आरोपी बनाती है तब पुलिस प्रशासन के कार्य और उनके उच्य अधिकारियो के कार्यो पर सवाल खड़ा होता है

वंही रावेन्द्र यादव ने हमीरपुर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए उक्त फर्जी शांतिभंग की चालानी को माननीय उच्य न्यायालय में चैलेंजे करने की बात कही है

वंही हमीरपुर पुलिस उक्त लापारवाही में कुछ बोलने को तैयार नहीं है मात्र निष्पक्ष जाँच करने के बाद कार्यवाही का भरोषा दे रही है

वंही कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि जबसे पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने जनपद हमीरपुर की कमान संभाली है तब से वो प्रयास करते है की व्यवस्था पर कुछ सुधार लाया जाये पर मात्र स्थानान्तरण करके बदलाव के अनुसार पुलिस प्रशासन की लापारवाही पर सुधार लाना संभव नहीं है जबतक लापरवाह पुलिस कर्मचारियों पर जिम्मेदारी सुनाश्चित करते हुए कार्यवाही अमल में नहीं लाई जाएगी तब तक पुलिस प्रशासन की कार्य शैली में सुधार लाना संभव नहीं है

वंही हमीरपुर की आम जनता भी पुलिस प्रशासन की लापारवाही और फर्जी वसूली और फर्जी मुक़दमे शोषण से परेशान है जिसका प्रभाव वर्तमान सरकार के कार्यो व सुशासन पर नज़र आ रहा है |